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मध्य भारत की आवाज़ें मुंबई के मंच पर: अफ़साना – द सोमैया स्टोरीटेलिंग फ़ेस्टिवल 2026

मुंबई स्थित सोमैया विद्याविहार युनिवर्सिटी द्वारा आयोजित “अफ़साना – द सोमैया स्टोरीटेलिंग फ़ेस्टिवल 2026” इस वर्ष विशेष रूप से मध्य भारत की कथात्मक विरासत को समर्पित है। आगामी 30-31 जनवरी को युनिवर्सिटी के विद्याविहार मुंबई स्थित प्रांगण आयोजित होने वाला यह महोत्सव मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों की लोककथाओं, आदिवासी आख्यानों और ऐतिहासिक स्मृतियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगा।

फेस्टिवल का थीम “बिंदु: सेंटर्ड मेटाफ़र्स” मुख्यधारा और हाशिए की आवाज़ों के बीच संवाद दिखाती है। लोक और समकालीन, इतिहास और कल्पना, मौखिक और आधुनिक स्टोरीटेलिंग एक साथ मंच पर प्रस्तुत होंगी।

अफ़साना उन कहानियों को मंच देता है जो जंगलों, नदियों, गाँवों, किलों और आदिवासी जीवन से जन्मी हैं। ये कथाएँ पीढ़ियों से सुनाई जाती रही हैं। आज भी ये हमारी सांस्कृतिक पहचान बनाती हैं।

इस वर्ष अफ़साना – द सोमैया स्टोरीटेलिंग फ़ेस्टिवल 2026 में मध्य प्रदेश की पारंपरिक कलाओं, साहित्य और कथा-परंपराओं को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
• मध्य प्रदेश के कलाकार संजय महाजन एवं साथी राजा भर्तहरी की कथा एवं गणगौर नृत्य का मंचन करेंगे जो उज्जैन और मालवा अंचल की सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है।
• मोनिका गुप्ता – “इंस्पेक्टर मातादीन ऑन द मून”, प्रसिद्ध हिंदी व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की चर्चित कथा पर आधारित प्रस्तुति, जो मध्य प्रदेश की साहित्यिक परंपरा को समकालीन मंच प्रदान करती है।

• राणा प्रताप सेंगर – दास्तान-ए-राज कपूर, जिसमें भारतीय सिनेमा के महान कथानायक की यात्रा को दास्तानगोई की शैली में प्रस्तुत किया जाएगा, कथा और स्मृति की परंपरा को जीवंत करते हुए।
• इंदौर से जुड़ी कथक कलाकार डॉ. टीना तांबे नृत्य के माध्यम से नवरस आधारित रसनायिका की प्रस्तुति देंगी।
• गीतांजलि वाणी – अभिवचन: नर्मदा का वरदान
• कृतिका – द बैगा एंड द टाइगर (बैगा मौखिक परंपराओं से प्रेरित)
• बनवारी लाल – मालवा क्षेत्र की पारंपरिक डाबू प्रिंटिंग कला पर विशेष कार्यशाला, जिसमें प्राकृतिक रंगों, ब्लॉक प्रिंटिंग और लोक वस्त्र परंपरा से परिचय कराया जाएगा।
• पंकज पाटिल – मध्य प्रदेश की गोंड आर्ट पर आधारित कार्यशाला, जहाँ प्रतिभागी आदिवासी प्रतीकों, रंग-भाषा और कथा-चित्रण की विशिष्ट परंपरा को समझ सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, महोत्सव में देशभर के समकालीन कथाकार और सांस्कृतिक साधक भी भाग लेंगे, जिनमें अक्षय गांधी, रोशेल पोतकर, महमूद फ़ारूक़ी, , डॉ. उल्का मयूर, फियोना फ़र्नांडिस, नारायण परशुराम, मेहक मिर्ज़ा प्रभु और वैशाली श्रॉफ शामिल हैं।

फ़ेस्टिवल चेयर अमृता सोमैया कहती हैं, “भारतीय ज्ञान परंपरा का बड़ा हिस्सा हमारी मौखिक कथाओं में है। ‘अफ़साना’ हर साल किसी क्षेत्र की विशिष्ट स्टोरीटेलिंग परंपराओं को सामने लाएगा।इस बार मध्य भारत की लोककथाएँ, आदिवासी आख्यान और ऐतिहासिक स्मृतियाँ हमारे संवाद का केंद्र हैं। सोमैया विद्याविहार यूनिवर्सिटी इस तरह के आयोजनों को मंच और सम्मान देती है, जिससे ये आवाज़ें सीधे दर्शकों तक पहुँच सकें और उनका संवाद जीवंत बने।”

फ़ेस्टिवल डायरेक्टर यामिनी दंड शाह ने समस्त रसिकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि, “कार्यशालाओं, लाइव प्रस्तुतियों, ओपन-माइक सत्रों और इंस्टॉलेशनों के माध्यम से ‘अफ़साना’ दर्शकों को केवल श्रोता नहीं, बल्कि कहानी का सहभागी बनाता है। ‘अफ़साना – द सोमैया स्टोरीटेलिंग फ़ेस्टिवल 2026’ केवल कहानियाँ सुनने का आयोजन नहीं है वरन यह उस भारत को महसूस करने का अवसर है, जो किताबों से पहले आवाज़ों में जीवित था।”

कार्यक्रम में सहभागी होने के लिए https://afsana.somaiya.edu/en/ पर नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन करें।