शिवपुरी।शहर के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। एक छात्र अपने घर से डिब्बी में रखकर कुछ टेबलेट (दवा) स्कूल ले आया और अपने साथ पढ़ने वाले बच्चों को खिला दी,
कुछ ही देर में कई मासूम बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चों को उल्टी, चक्कर और घबराहट की शिकायत होने पर स्कूल में हड़कंप मच गया। तब स्कूल प्रशासन ने बच्चो के परिजनों को फोन लगा कर बुलाया तब,आनन-फानन में बच्चों को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब तीन घंटे तक चले इलाज के बाद डॉक्टरों ने बच्चों को खतरे से बाहर बताया।
परिजनों का आरोप
घटना से आक्रोशित परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि स्कूल में बच्चों की नियमित जांच और निगरानी की व्यवस्था होती, तो ऐसा बड़ा हादसा टाला जा सकता था।
परिजनों के अनुसार, स्कूल में बच्चों के बैग की जांच या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसकी वजह से छात्र दवा स्कूल तक ले आया।
स्कूल प्रशासन से बात करने के लिए स्कूल स्टाफ से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने इस मामले पर बात नहीं की..
क्या स्कूलों में सुरक्षा जांच की पर्याप्त व्यवस्था है?
बच्चों के बैग और लंच बॉक्स की नियमित जांच क्यों नहीं की जाती,ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा,गनीमत रही कि समय पर इलाज मिलने से बच्चों की जान बच गई, लेकिन अगर थोड़ी भी देरी होती तो मामला गंभीर हो सकता था।













