Home Crime news विशेष न्यायालय से एनडीपीएस मामले में आरोपी हृदेश व दीपू सेंगर दोषमुक्त

विशेष न्यायालय से एनडीपीएस मामले में आरोपी हृदेश व दीपू सेंगर दोषमुक्त

शिवपुरी। पुलिस थाना देहात द्वारा दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में विशेष न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि विवेचना के दौरान एनडीपीएस अधिनियम की अनिवार्य प्रक्रियाओं का समुचित पालन नहीं किया गया, जिसके कारण अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल रहा।

जानकारी के अनुसार दिनांक 11 मार्च 2022 को थाना देहात में पदस्थ उपनिरीक्षक को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि दो व्यक्ति काले रंग की मोटरसाइकिल से गुना की ओर से मादक पदार्थ लेकर शिवपुरी बेचने आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने विवेचना किट, फोर्स एवं साक्षियों के साथ एसडीओपी को अवगत कराते हुए आईटीबीपी के पीछे वाहन चेकिंग प्रारंभ की।

इसी दौरान काली मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए, जो पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस व साक्षियों की मदद से दोनों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम हृदेश एवं दीपू सेंगर बताए। तलाशी के दौरान हृदेश के कब्जे से 20 ग्राम तथा दीपू सेंगर के पास से 50 ग्राम स्मैक बरामद होने का दावा किया गया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि तलाशी के समय धारा 50 एनडीपीएस एक्ट का विधिवत पालन नहीं किया गया तथा धारा 52-A के अंतर्गत सैंपलिंग की प्रक्रिया भी नियमों के अनुरूप नहीं थी। इन गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण अभियोजन आरोपियों का दोष प्रमाणित नहीं कर सका।

संपूर्ण साक्ष्य एवं तर्कों पर विचार करते हुए विशेष न्यायालय ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
इस मामले में आरोपी हृदेश की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव ने की, जिनके साथ सहयोगी अधिवक्ता अस्पाक खान एवं अजय शाक्य रहे। वहीं आरोपी दीपू सेंगर की ओर से पैरवी अधिवक्ता नदीम कुर्रेशी द्वारा की गई।