जिला अस्पताल के लिए डाली जा रही नई विद्युत लाइन में गुणवत्ताहीन काम, महाप्रबंधक से की शिकायत वरिष्ठ एडवोकेट विजय तिवारी ने विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक से की शिकायत

जिला अस्पताल के लिए डाली जा रही नई विद्युत लाइन में गुणवत्ताहीन काम, महाप्रबंधक से की शिकायत
वरिष्ठ एडवोकेट विजय तिवारी ने विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक से की शिकायत

जिला अस्पताल के लिए डाली जा रही नई विद्युत लाइन में गुणवत्ताहीन काम, महाप्रबंधक से की शिकायत
वरिष्ठ एडवोकेट विजय तिवारी ने विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक से की शिकायत
मामला जिला चिकित्सालय शिवपुरी के लिए नई 33 केवी विद्युत लाइन डालने का
शिवपुरी जिला मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल के लिए नई 33 केवीए विद्युत लाइन के गुणवत्ताहीन कार्य को लेकर वरिष्ठ एडवोकेट विजय तिवारी ने विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक को इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है। एडवोकेट विजय तिवारी ने बताया कि चंदनपुरा से से जिला चिकित्सालय शिवपुरी के लिए पृथक से नई 33 केवीए विद्युत लाइन डाली जा रही है इस नए विद्युत लाइन को डालने के काम में संबंधित ठेकेदार के द्वारा गुणवत्ताहीन कार्य किया जा रहा है। जिसका बाद में आमजन को नुकसान उठाना पड़ेगा। एडवोकेट विजय तिवारी ने महाप्रबंधक को लिखित शिकायत की है। इसमें कहा है कि चंदनपुरा फीडर से जिला चिकित्सालय शिवपुरी तक प्रत्यक्ष 33 केवीए विद्युत लाइन डाली जा रही है। इसमें 13 मीटर एच बीम आइरन पोल लगाए जाने चाहिए लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है उक्त विद्युत लाइन व्हीटीपी स्कूल से प्रारंभ होकर कोतवाली रोड होते हुए जिला चिकित्सालय तक डाली जा रही है संपूर्ण क्षेत्र रिहायशी क्षेत्र में आता है। इसलिए यहां पर काम की गुणवत्त्ता अच्छी होना चाहिए अन्यथा भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
एडवोकेट ने अपनी शिकायत में कहा है कि विद्युत पोल खड़ा करने हेतु गड्ढे की गहराई 7 फीट होना चाहिए और गड्ढे के अंदर पोल खड़ा करने के पूर्व बेस प्लेट होनी चाहिए। गड्ढे के अंदर पूर्व खड़ा करते समय अनुसार गड्ढे की संपूर्ण गहराई से ऊपर लगभग डेढ़ फीट की ऊंचाई तक सीमेंट कंक्रीट होना चाहिए। उक्त विद्युत पोलों पर मानक स्तर का जिंक ऑक्साइड होना चाहिए। पोल पूरी गहराई न होने से झुक सकता है तथा पुल पर निर्धारित ऊंचाई तक जिंक ऑक्साइड की परत ना होने से जंग लगने से जंग लगने की संभावना अधिक है तथा वी क्रॉस आर्म चैनल निर्धारित वजन व गुणवत्ता का नहीं है। संबंधित ठेकेदार द्वारा निर्धारित मानक का पालन नहीं किया जा रहा है। बाद में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। महाप्रबंधक को की गई शिकायत में उन्होंने निर्धारित मानक का पालन करते हुए कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी से इसका निरीक्षण कराने की मांग की है।