नरवर -जसवंत जाटव एक तरफ, राजकुमार खटीक भी टिकट की लाइन मे किसका पलड़ा भारी है।

वर्ष 2018 में हुए मध्य प्रदेश प्रदेश के विधानसभा आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के युवा जुझारू और सौम्य शैली के लिए जाने वाले राजकुमार खटीक कांग्रेस के प्रत्याशी प्रत्याशी से थोड़े से वोटों से पराजित हो गए थे पर पराजित होने के बाद से ही उन्होंने जनता जनार्दन से मुंह नहीं मोड़ा और दिन रात जनसेवा को ही ही अपनी राजनीति का माध्यम बना लिया और क्षेत्रीय जनता के हर दुख सुख में सहयोग प्रदान किया क्योंकि कांग्रेस शासन की गलत नीतियों के कारण क्षेत्रीय जनता मैं गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया था उस समय राजकुमार खटीक ने लोगों के पास जाकर उनकी समस्याओं को सुना उनकी शिकायतों को प्रशासनिक अधिकारी से निराकरण कराया और सतत संपर्क बनाए रखा और कांग्रेस सरकार द्वारा वचन पत्र में जो वादे किए गए थे उन वादों को पूरा कराने के लिए लड़ाई लड़ते रहे अब करेरा में उपचुनाव उपचुनाव निकट है ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय जनता द्वारा यह मांग की जा रही है कि भारतीय जनता पार्टी अपना प्रत्याशी राजकुमार खटीक को घोषित करें जिससे क्षेत्र विकास की पटरी पर सरपट दौड़ पड़े और विकास की गंगा क्षेत्र में प्रवाहित हो सके