भोपाल(वंदना श्रोती). योग हमारे जीवन में भौतिक, मानसिक, भावनात्मक, आत्मिक और आध्यात्मिक, आदि सभी पहलुओं पर काम करता है। आध्यात्मिक स्तर पर इस जुड़ने से सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना का एक हो जाती है। व्यावहारिक स्तर पर योग शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करने और तालमेल बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है। योग में आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बंध, षट्कर्म और ध्यान के अभ्यास किया जाता है। योग वास्तव में जीवन जीने का एक तरीका भी है। इससे मानसिक, शारीरिक रुप से स्वस्थ्य रहा जा सकता है। यह कहना है कि शहर में रहने वाले 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों का। उनका कहना है कि सकारत्मक सोच, आहार नियम और योग,प्राणायाम से इम्यूनिटी को स्ट्रांग किया जा सकता है ।उन्होंने लॉक डाउन में भी न तो योग करना छोड़ा और न ही सुबह उठकर घूमना। बल्कि दूसरों को योग करने प्रेरित किया। इन से अब युवा भी योग करना सीखते हैं। जानते है बुजुर्गों की लंबी आयु का राज उन्हीं की जुबानी