राजस्थान की सियासी लड़ाई कोर्ट में LIVE:सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- किस आधार पर विधायकों को अयोग्य ठहराना चाहते हैं; सिब्बल का जवाब- वे विधायक दल की मीटिंग में नहीं आए, पार्टी विरोधी कामों में शामिल जयपुर5 मिनट पहले

राजस्थान की सियासी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। स्पीकर की तरफ से कपिल सिब्बल दलीलें रख रहे हैं। स्पीकर के वकील कपिल सिब्बल ने कहा है कि इस स्टेज पर प्रोटेक्टिव ऑर्डर नहीं दिया जा सकता। हाईकोर्ट ने नोटिस का जवाब देने के लिए समय बढ़ा दिया और कहा कि कोई कार्रवाई नहीं की जाए, यह प्रोटेक्टिव ऑर्डर है।
सिब्बल ने कहा कि कोर्ट तब तक कोई दखल नहीं दे सकता, जब तक कि विधायकों को अयोग्य नहीं ठहरा दिया जाए। सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का रेफरेंस देते हुए कहा कि हाईकोर्ट स्पीकर को ये आदेश नहीं दे सकता है कि विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करें। स्पीकर अगर विधायकों को अयोग्य ठहराने का प्रोसेस शुरू करें तो कोर्ट दखल नहीं दे सकता। जस्टिस अरुण मिश्रा समेत तीन जजों की बेंच इस पर सुनवाई कर रही है। हाईकोर्ट ने स्पीकर को बागी 19 विधायकों के खिलाफ 24 जुलाई तक कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए कहा गया है। ​​​​​​​
कोर्ट रूम से लाइव
जज- किस आधार पर विधायकों को अयोग्य ठहराना चाहते है?
कपिल सिब्बल- वे विधायक दल की मीटिंग में नहीं आए, पार्टी विरोधी कामों में शामिल हैं। 

जोशी ने कहा- स्पीकर को कार्यवाही का हक 
जोशी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि संविधान और सुप्रीम कोर्ट ने जिम्मेदारियां तय की हैं। स्पीकर होने के नाते मैंने कांग्रेस के 19 विधायकों को कारण बताओ नोटिस दिया था। अगर अथॉरिटी कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करेगी तो उसका काम क्या होगा?

दरअसल, मंगलवार को इन विधायकों को जारी अयोग्यता नोटिस मामले में हाईकोर्ट ने लगातार दूसरे दिन सुनवाई की थी। बहस पूरी होने के बाद 24 जुलाई तक फैसला सुरक्षित रख लिया। तब तक स्पीकर इन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए गए। इसके खिलाफ स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

सचिन गुट की तरफ से कैविएट लगाई गई है
पायलट खेमे ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि पायलट औऱ उनके विधायकों की रुख जाने बिना स्पीकर सीपी जोशी की याचिका पर कोई फैसला न सुनाया जाए। पायलट गुट की तरफ से एस हरिहरन ने कैविएट दायर की है। वहीं, मुकुल रोहतगी सचिन पायलट की तरफ से पैरवी कर रहे हैं।